Women, find true happiness when they cross age-line of 50. According to a study, those women who are in their mid-40s are the most unhappy compare to other age group, and that those who have 54 years are the happiest. The people from the age-group mid-40s were miserable because they pay more attention to their wealth and future prospects. They worry all the time that they would have to work hard all their life as they do not have a pension or they would have to dependent on government retirement plan. However, phase of unhappiness starts to decrease after 50s and reach its maximum level at the age of 54. A person can be happiest if he makes four ‘key changes' in his live. These changes are - switching to a different career, end of unsuccessful relationship, finding a friendship, travelling and down shifting to achieve a less materialistic lifestyle.
sobota, 4 września 2010
मोटे लोग 'काम-क्रिया' में अच्छे होते हैं.
शायद औरतों के लिए यह एक बहुत ही आश्चर्य की बात हो, परन्तु एक शोध से पता चला है कि मोटे लोग लंबे समय तक सम्भोग कर सकते हैं. तुर्की के एक विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के अनुसार, उनके सम्भोग का औसत समय ७.३ मिनट होता है. इसका एक मुख्य कारण उन्होंने यह बताया कि मोटे लोगो में जल्दी स्खलन की कम समस्या पाई जाती है.
छरहरे बदन वाला व्यक्ति बहुत संभव है की औरत को बिस्तर में अतृप्त छोड़ दे क्योंकि की उनका औसत स्खलन समय केवल १.८ मिनट होता है.
मोटे आदमी के लंबे समय तक सम्भोग का राज यह है कि उनके पेट के चारो तरफ फैली चर्बी कि परत उनके शारीर के हार्मोन को असमान्य कर देती है.
मोटा होने के कारण उनके शरीर में 'फिमेल सेक्स होर्मोने ओएस्त्रदिओल', जो एक तरह का ओएस्त्रोगेन है, का स्तर ऊँचा होता है.
शोधकर्ताओं के अनुसार शायद यही कारण है जो दिमाग में स्थित 'नयूरोत्रन्स्मिटर' रसायन, जो स्खलन पर नियंत्रण करता है, को प्रभावित करता है और मोटा आदमी जल्दी स्खलित नहीं होता.
इसके विपरित, जो आदमी जल्दी स्खलित होता है, उसमे इस हर्मोन का स्तर बहुत नीचा होता है.
यह शोध अंतर्राष्ट्रीय नपुंसकता शोध नमक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.
(अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद)
छरहरे बदन वाला व्यक्ति बहुत संभव है की औरत को बिस्तर में अतृप्त छोड़ दे क्योंकि की उनका औसत स्खलन समय केवल १.८ मिनट होता है.
मोटे आदमी के लंबे समय तक सम्भोग का राज यह है कि उनके पेट के चारो तरफ फैली चर्बी कि परत उनके शारीर के हार्मोन को असमान्य कर देती है.
मोटा होने के कारण उनके शरीर में 'फिमेल सेक्स होर्मोने ओएस्त्रदिओल', जो एक तरह का ओएस्त्रोगेन है, का स्तर ऊँचा होता है.
शोधकर्ताओं के अनुसार शायद यही कारण है जो दिमाग में स्थित 'नयूरोत्रन्स्मिटर' रसायन, जो स्खलन पर नियंत्रण करता है, को प्रभावित करता है और मोटा आदमी जल्दी स्खलित नहीं होता.
इसके विपरित, जो आदमी जल्दी स्खलित होता है, उसमे इस हर्मोन का स्तर बहुत नीचा होता है.
यह शोध अंतर्राष्ट्रीय नपुंसकता शोध नमक पत्रिका में प्रकाशित हुआ है.
(अंग्रेजी से हिंदी में अनुवाद)
स्रोत: http://www.hindustantimes.com/lifestyle/relationships/Chubby-chaps-better-in-bed/Article1-595650.aspx
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